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डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जन्मदिवस के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया

हाथरस। 14 अप्रैल को  जनपद न्यायाधीश मृदुला कुमार के आदेशानुसार डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जन्मदिवस के अवसर पर काशीराम काॅलौनी, हाथरस जनपद हाथरस में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन चेतना सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस की अध्यक्ष्ता में किया गया, जिसमें सतेन्द्र शिकरवार, नायब तहसीलदार, हाथरस, गोविन्द उपाध्याय अधिवक्ता, साहब सिंह, पराविधिक स्वयं सेवक, हाथरस आदि की उपस्थित में किया गया। शिविर में उपस्थित जनता को जानकारी देते हुए चेतना सिंह, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बताया कि भारतीय इतिहास निश्चित रूप से कई देशभक्त, स्वतंत्रता सेनानियों और समाज सुधारकों से भरा हुआ है। उन्हीं में से एक प्रसिद्ध नाम भीमराव रामजी अंबेडकर का है। आज बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की 131वीं जयंती मनाई जा रही है। 14 अप्रैल 1891 में उनका जन्म तब के केंद्रीय प्रांत के महू जिले में रामजी मालोजी सकपाल के घर हुआ था। बाबा साहब अंबेडकर की जयंती भारत के निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान के लिए मनाई जाती है। बीआर अंबेडकर एक राजनीतिज्ञ, न्यायविद, अर्थशास्त्री और समाज सुधारक थे। वह स्वतन्त्र भारत के पहले कानून मंत्री भी थे। अंबेडकर ने भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। बाबा साहब अंबेडकर ने दो-दो पीएचडी, दो-दो परास्नातक डिग्रियों सहित अपने जीवन में कुल 27 अकादमिक डिग्रियां हासिल की थीं। डॉ अंबेडकर ने दुनियाभर की तकरीबन 14 भाषाओं में महारत हासिल की थी। उन्होंने अपने स्वयं के प्रयास से  संस्कृत का गहन अध्ययन भी किया था। 
इसके अतिरिक्त उन्होंन उपस्थित जनता को शिक्षा का अधिकार व मौलिक अधिकारों के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया गया। किसी भी कार्य को करने के लिये जानकारी होना आवश्यक है, तभी हम योजनाओं का लाभ उठा सकते है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 06 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का अधिकार दिया गया है। सचिव ने कहा कि पढ़ने के लिये कोई उम्र निर्धारित नही होती है। 
  सतेन्द्र शिकरवार, नायब तहसीलदार, हाथरस ने अपने वक्तव्य में उपस्थित जनता को जानकारी देते हुये बताया कि शिक्षा का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। हम सब को लगन से पढ़ाई करनी चाहिए, अगर हम शिक्षित नहीं होंगे तो मूलभूत सुविधाओं से वंचित रह जायेंगे। इसके अतिरिक्त उन्होंने शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाऐं प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि बीमा योजना, खसरा-खतौनी एवं दाखिल खारिज आदि के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गई।
 साहब सिंह, पराविधिक स्वयं ने अपने वक्तव्य में उपस्थित जनता को श्रम कानून के बारे में जानकारी दी तथा दिनांक 14.05.2022 को आयोजित हो रही राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे मे जानकारी दी गयी। 
विधिक साक्षरता शिविर का संचालन  गोविन्द उपाध्याय, अधिवक्ता द्वारा किया गया। उन्होंने शिविर का संचालन करते हुये बताया कि डॉ बी. आर. अंबेडकर ने इतनी असमानताओं का सामना करने के बाद सामाजिक सुधार का मोर्चा उठाया। अंबेडकर जी ने ऑल इंडिया क्लासेज एसोसिएशन का संगठन किया। सामाजिक सुधार को लेकर वह बहुत प्रयत्नशील थे। इसके अतिरिक्त उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर काफी संख्या में जनता उपस्थित रही उपस्थित जनता को प्राधिकरण की ओर से पम्पलेट्स भी वितरित किये गये।
 

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